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How to Check प्रॉपर्टी टैक्स दिल्ली in Delhi — Complete Guide 2026

MCD प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें साबित करती हैं कि दिल्ली की किसी प्रॉपर्टी पर सारा हाउस टैक्स पूरा भरा जा चुका है. बकाया टैक्स विक्रेता के साथ नहीं रुकता, यह ज़मीन के साथ अगले खरीदार तक चला जाता है. इस गाइड में पेमेंट के स्टेप्स, रसीद में क्या होता है, निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट कैसे लें, और सालों का बकाया छुपाने वाले विक्रेताओं को कैसे पहचानें, यह सब बताया गया है.

Quick Reference
इसे भी कहते हैंहाउस टैक्स; MCD प्रॉपर्टी टैक्स
जारीकर्ताMunicipal Corporation of Delhi (MCD); न्यू दिल्ली एरिया के लिए NDMC
वैधताहर वित्त वर्ष के लिए; रसीदें स्थायी भुगतान प्रमाण के तौर पर काम करती हैं
कीमतटैक्स प्रॉपर्टी के प्रकार, UPIC ज़ोन, और एरिया के हिसाब से अलग-अलग होता है; पोर्टल पर कोई फीस नहीं
समयऑनलाइन रसीद तुरंत मिलती है; निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट का समय अलग-अलग हो सकता है
ऑनलाइन पोर्टलmcdonline.nic.in
noteबिना भरा हुआ MCD प्रॉपर्टी टैक्स ज़मीन पर एक चार्ज है. MCD खरीदने के बाद नए मालिक से बकाया वसूल सकता है. कुछ भी साइन करने से पहले निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट ले लें.
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दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स क्या है और रसीदें क्यों मायने रखती हैं?

परिभाषा

MCD प्रॉपर्टी टैक्स MCD के अधिकार क्षेत्र की सभी प्रॉपर्टी पर लगने वाला सालाना टैक्स है, जिसकी गणना Unit Area System (UAS) के तहत होती है और यह Delhi Municipal Corporation Act, 1957 के तहत नियंत्रित होता है. दिल्ली की हर प्रॉपर्टी को 15-अंकों का Unique Property Identification Code (UPIC) दिया जाता है, जो सभी भुगतान और रिकॉर्ड के लिए ज़रूरी रेफरेंस है.

यह वह बात है जो विक्रेता नहीं बताते. दिल्ली में बिना भरा हुआ प्रॉपर्टी टैक्स किसी व्यक्ति का निजी कर्ज़ नहीं है. यह खुद ज़मीन पर लगा चार्ज है. प्रॉपर्टी खरीदने के बाद, MCD पिछले मालिक के जमा हुए बकाए के लिए नए मालिक का पीछा कर सकता है, और कर चुका है. कुछ सालों की छूटी हुई पेमेंट चुपचाप एक-दो लाख के बकाए में बदल जाती है. खरीदारों को यह तब पता चलता है जब वे UPIC अपने नाम पर अपडेट कराने जाते हैं और पोर्टल बकाया रकम दिखा देता है.

MCD ने मई 2022 में दिल्ली के तीन पुराने निगमों को मिलाकर एक कर दिया. एक पोर्टल, एक UPIC, एक टैक्स रिकॉर्ड. टैक्स की गणना Unit Area System से होती है: Unit Area Value (प्रति वर्ग मीटर) को प्लॉट के एरिया से गुणा करके, फिर उम्र, इस्तेमाल के प्रकार, ढांचे के प्रकार, और ऑक्युपेंसी के हिसाब से एडजस्ट किया जाता है. जो Annual Value निकलती है, उस पर प्रॉपर्टी कैटेगरी के हिसाब से तय दर से टैक्स लगता है. FY 2025-26 के लिए 31 जुलाई, 2026 से पहले भुगतान करें तो 10% रिबेट मिलता है. जिन रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का टैक्स Rs.10,000 तक है, उन्हें ऑनलाइन भुगतान पर 2% अतिरिक्त रिबेट मिलता है.

State-specific note: MCD का निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट ही एकमात्र ऐसा डॉक्यूमेंट है जो किसी खास तारीख तक प्रॉपर्टी टैक्स का बकाया शून्य होने की पुष्टि करता है. हाल के सालों की रसीदें काफी नहीं हैं. सेल एग्रीमेंट साइन होने से पहले MCD से यह सर्टिफिकेट ले लें.
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दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स कैसे भरें और रसीद कैसे लें: स्टेप-बाय-स्टेप

MCD प्रॉपर्टी टैक्स UPIC का इस्तेमाल करके mcdonline.nic.in पर ऑनलाइन भरा जाता है. भुगतान तुरंत होता है और रसीद PDF के रूप में डाउनलोड होती है. लॉगिन करने से पहले UPIC और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर तैयार रखें.

ऑनलाइन तरीका (सुझाया गया)

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mcdonline पर लॉगिन करें
nic.in पर MCD प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल खोलें. अपना मोबाइल नंबर डालें, OTP लें, और लॉगिन करें. पहली बार इस्तेमाल करने वाले उसी पेज पर सीधे रजिस्टर कर सकते हैं.
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UPIC डालें और बकाया चेक करें 15-अंकों का UPIC टाइप करें
पोर्टल प्रॉपर्टी, मौजूदा मालिक का नाम, और सभी वित्त वर्षों का बकाया दिखाता है. भुगतान करने से पहले पूरी तस्वीर जानने के लिए इस स्क्रीन को ध्यान से देखें.
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साल चुनें और भुगतान करें वित्त वर्ष चुनें
सिस्टम जो टैक्स रकम गिनता है, उसे पेनल्टी सहित कन्फर्म करें. UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, या डेबिट कार्ड से भुगतान करें.
10% रिबेट पाने के लिए FY 2025-26 का भुगतान 31 जुलाई, 2026 से पहले करें. इंतज़ार न करें.
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रसीद डाउनलोड करें भुगतान के तुरंत बाद PDF रसीद बन जाती है
इसे डाउनलोड करके संभालकर रखें. सिस्टम इसे अपने आप जनरेट करता है, मान्य होने के लिए इस पर किसी साइन की ज़रूरत नहीं है.

ऑफलाइन तरीका (सब-रजिस्ट्रार ऑफिस)

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ITZ कैश काउंटर खोजें दिल्ली भर में ITZ कैश काउंटर नकद में MCD प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान स्वीकार करते हैं
अपने साथ UPIC नंबर, पिछली टैक्स रसीद, और पहचान प्रमाण लेकर जाएं.
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भुगतान करें और रसीद लें UPIC की जानकारी दें और भुगतान करें
काउंटर Property ID और ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड के साथ तुरंत रसीद प्रिंट कर देता है.
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MCD ज़ोनल ऑफिस में निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करें अपनी प्रॉपर्टी के एरिया के MCD ज़ोनल ऑफिस जाएं
UPIC, प्रॉपर्टी की जानकारी, और वजह (प्रॉपर्टी की बिक्री) के साथ आवेदन जमा करें.
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निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट लें सर्टिफिकेट उस तारीख तक बकाया शून्य होने की पुष्टि करता है
खरीदार को यही चाहिए, सिर्फ हाल के साल की रसीद काफी नहीं है.
अगर कैश काउंटर जाना मुश्किल हो, तो MCD 311 Android ऐप से भी भुगतान और रसीद डाउनलोड हो सकती है.
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दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स रसीद में क्या-क्या होता है?

हर MCD प्रॉपर्टी टैक्स रसीद में ये फील्ड होते हैं, इसे बकाया साफ होने का सबूत मानने से पहले हर एक को प्रॉपर्टी के UPIC रिकॉर्ड से मिलाकर देखें.

Field Table Property Details What to Check
UPICकिसी खास प्रॉपर्टी से जुड़ा 15-अंकों का कोडखरीद के डॉक्यूमेंट में मौजूद प्रॉपर्टी से बिल्कुल मेल खाना चाहिए
मालिक का नाम और पताउस प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड में दर्ज टैक्सपेयरविक्रेता का नाम दिखना चाहिए; मिसमैच का मतलब है म्यूटेशन नहीं हुआ
वित्त वर्षजिस साल के लिए टैक्स भरा गयाचेक करें कि सिर्फ हाल का साल नहीं, बल्कि सभी हालिया साल कवर हैं
भरी गई कुल रकमरिबेट और कटौती के बाद का टैक्सप्रॉपर्टी के प्रकार के हिसाब से UAS गणना से मिलाकर देखें
ट्रांज़ैक्शन ID और तारीखयूनीक पेमेंट रेफरेंसअसलियत कन्फर्म करने के लिए mcdonline.nic.in पर डालें
रसीद का प्रकारसिस्टम-जनरेटेड ऑनलाइन या मैनुअल काउंटर रसीदऑनलाइन रसीदों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती; कागज़ी रसीदें फर्ज़ी बनाई जा सकती हैं
Good sign: पोर्टल UPIC के तहत अब तक भरे गए सभी साल दिखाता है, विक्रेता का नाम मौजूदा टैक्सपेयर के तौर पर दिखता है, और MCD का निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट खरीद के महीने के अंदर की तारीख का है.
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दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी आम दिक्कतें

दिल्ली की खरीद में प्रॉपर्टी टैक्स की चार दिक्कतें बार-बार सामने आती हैं, इनमें से तीन रजिस्ट्रेशन के बाद तक नज़र नहीं आतीं.

हाल की रसीदें दिखाकर सालों का बकाया छुपाना कोई विक्रेता FY 2024-25 का टैक्स भरता है और आपको वही रसीद थमा देता है
FY 2015-16 से 2023-24 तक बकाया रह जाता है. रसीद देखने में ठीक लगती है. निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट ऐसा नहीं दिखाएगा. इस तरीके से दिल्ली के खरीदारों को काफी नुकसान हो चुका है.
Fix: विक्रेता को कोई भी भुगतान करने से पहले mcdonline.nic.in पर UPIC से बकाया चेक करें. यह स्टेप कभी न छोड़ें.
UPIC पर विक्रेता से अलग नाम दिखना पिछली बिक्री के बाद म्यूटेशन पूरा न होने का मतलब है UPIC अब भी पिछले मालिक के नाम पर है
मौजूदा विक्रेता के पास अपने नाम पर टैक्स रिकॉर्ड की पहुंच नहीं है. टैक्स भरा गया हो या न हो, आप कागज़ी रसीद से नहीं बता सकते.
Fix: आगे बढ़ने से पहले पोर्टल पर UPIC देखें और नाम विक्रेता से मेल खाता है, यह कन्फर्म करें. म्यूटेशन पहले होना चाहिए.
जाली या बदली हुई कागज़ी रसीद ऑफलाइन भुगतान की कागज़ी रसीदों से छेड़छाड़ की जा सकती है
वित्त वर्ष, रकम, या UPIC की जानकारी सबसे ज़्यादा बदली जाने वाली फील्ड हैं. अगर पोर्टल पर Transaction ID खोजने पर रसीद नहीं दिखती, तो वह फर्ज़ी है.
Fix: हर रसीद को mcdonline.nic.in पर Transaction ID से क्रॉस-चेक करें. अगर वह नहीं दिखती, तो उसे रिजेक्ट करें.
आंशिक भुगतान, फिर भी बकाया दिखना कुछ विक्रेता मूल रकम भरते हैं लेकिन पेनल्टी नहीं
या कुछ साल भरते हैं और बाकी नहीं. पोर्टल पर बकाया दिखता रहता है. खरीद के बाद वह बकाया आपकी समस्या बन जाता है.
Fix: खुद UPIC को पोर्टल पर डालकर देखें. विक्रेता पर भरोसा करके उसे आपके सामने करने न दें. बकाया रकम सीधे खुद चेक करें.
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दिल्ली में प्रॉपर्टी टैक्स क्या है और रसीदें क्यों मायने रखती हैं?

परिभाषा: MCD प्रॉपर्टी टैक्स MCD के अधिकार क्षेत्र की सभी प्रॉपर्टी पर लगने वाला सालाना टैक्स है, जिसकी गणना Unit Area System (UAS) के तहत होती है और यह Delhi Municipal Corporation Act, 1957 के तहत नियंत्रित होता है. दिल्ली की हर प्रॉपर्टी को 15-अंकों का Unique Property Identification Code (UPIC) दिया जाता है, जो सभी भुगतान और रिकॉर्ड के लिए ज़रूरी रेफरेंस है.

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बकाया ज़मीन के साथ चलता है MCD टैक्स प्रॉपर्टी पर लगा एक वैधानिक चार्ज है, व्यक्ति पर नहीं
खरीद के बाद, सभी पुराने बकाए के लिए नया मालिक ज़िम्मेदार होता है. वसूली की कोई समय-सीमा नहीं है. दिल्ली में यह लागू किया जा चुका है.
निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट ही खरीदारों के असली काम की चीज़ है रसीदें साबित करती हैं कि किसी खास तारीख को पैसे भरे गए
यह साबित नहीं करतीं कि सभी साल कवर हैं. सिर्फ निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट, जो MCD किसी खास तारीख को UPIC के खिलाफ जारी करता है, शून्य बकाया की पुष्टि करता है. विक्रेता से यह मांगें.
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बैंकों को रसीदें और सर्टिफिकेट दोनों चाहिए दिल्ली की प्रॉपर्टी के लिए होम लोन आवेदन में पिछले तीन साल की प्रॉपर्टी टैक्स रसीदें और अक्सर निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट चाहिए होता है
बिना सुलझे बकाया या रसीद न होने वाली प्रॉपर्टी फ्लैग हो जाती हैं. वहीं डिस्बर्समेंट रुक जाता है.
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दिल्ली से जुड़ी खास बात: SUNIYO एमनेस्टी पुराना बकाया तेज़ी से साफ करती है MCD की Sumpattikar Niptaan Yojana विक्रेताओं को पांच साल का मूल टैक्स भरने देती है और सभी पुरानी पेनल्टी माफ हो जाती है
दस साल से आंशिक भुगतान करने वाला विक्रेता SUNIYO के तहत रिकॉर्ड जल्दी साफ कर सकता है. सेल से पहले यह करवाएं, बाद में नहीं. साइन करने से पहले पोर्टल पर कन्फर्म करें कि UPIC पर बकाया शून्य दिख रहा है.
Red flag: जो विक्रेता हाल के तीन साल की रसीदें तो देता है लेकिन निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट मांगने पर टाल-मटोल करता है, वह लगभग पक्का पुराना बकाया छुपा रहा है. पहले सर्टिफिकेट मांगें. अगर वह नहीं ले पाता, तो इससे सब साफ हो जाता है.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मैं प्रॉपर्टी टैक्स दिल्ली 2026 ऑनलाइन कैसे भरूं और रसीद कैसे लूं?
mcdonline.nic.in पर जाएं, अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करें, अपना 15-अंकों का UPIC डालें, FY 2025-26 चुनें, और UPI, कार्ड, या नेट बैंकिंग से भुगतान करें. PDF रसीद तुरंत डाउनलोड हो जाती है. किसी साइन की ज़रूरत नहीं. 10% रिबेट पाने के लिए 31 जुलाई, 2026 से पहले भुगतान करें.
दिल्ली MCD प्रॉपर्टी टैक्स में निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट क्या है?
यह MCD की आधिकारिक पुष्टि है कि किसी खास तारीख को किसी UPIC के खिलाफ प्रॉपर्टी टैक्स का बकाया शून्य है. हाल के सालों की अलग-अलग रसीदें यह साबित नहीं करतीं कि पुराने साल भी साफ हैं. यह सर्टिफिकेट करता है. सेल एग्रीमेंट साइन करने से पहले इसे MCD से ले लें.
क्या दिल्ली में खरीद के बाद बिना भरा प्रॉपर्टी टैक्स खरीदार को ट्रांसफर होता है?
हां. MCD प्रॉपर्टी टैक्स ज़मीन पर लगा चार्ज है, उस व्यक्ति पर नहीं जिसने उसे भरना था. प्रॉपर्टी खरीदने और रजिस्टर कराने के बाद, पिछले सालों का बकाया आपकी ज़िम्मेदारी बन जाता है. खरीद से पहले लिया गया MCD का निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट ही आपको इससे बचा सकता है.
दिल्ली MCD प्रॉपर्टी टैक्स में UPIC क्या है?
UPIC वह 15-अंकों का Unique Property Identification Code है जो MCD दिल्ली की हर प्रॉपर्टी को देता है. सभी टैक्स भुगतान, रसीदें, और निल ड्यूज़ सर्टिफिकेट इसी कोड से जुड़े होते हैं. इसके बिना आप ऑनलाइन भुगतान या बकाया चेक नहीं कर सकते.
दिल्ली में 2026 की SUNIYO प्रॉपर्टी टैक्स एमनेस्टी स्कीम क्या है?
Sumpattikar Niptaan Yojana प्रॉपर्टी मालिकों को FY 2021-22 से 2025-26 तक का मूल टैक्स भरने देती है और FY 2021-22 से पहले के सभी बकाए पर ब्याज और पेनल्टी की पूरी माफी देती है. मौजूदा डेडलाइन mcdonline.nic.in पर चेक करें, इस स्कीम को कई बार बढ़ाया जा चुका है.

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