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How to Check मध्य प्रदेश में भू अभिलेख RoR कैसे पढ़ें — कम्प्लीट गाइड in Madhya Pradesh — Complete Guide 2026

भू अभिलेख मध्य प्रदेश वह डिजिटाइज़्ड रिकॉर्ड ऑफ़ राइट्स है जो राज्य के हर प्लॉट के मालिक, प्लॉट, क्षेत्रफल और टेन्योर की जानकारी देता है, और MP Bhulekh पोर्टल पर उपलब्ध है। फ्री कॉपी सिर्फ रेफरेंस के लिए है। लोन, कोर्ट के काम या रजिस्ट्रेशन के लिए आपको सर्टिफाइड कॉपी चाहिए। यह गाइड दोनों को कवर करती है।

Quick Reference
इसे भी कहते हैंभू-अभिलेख, अधिकार अभिलेख, लैंड रिकॉर्ड (RoR)
जारीकर्ताकमिश्नर लैंड रिकॉर्ड्स, राजस्व विभाग, मध्य प्रदेश सरकार
वैधतामौजूदा फसली वर्ष, लगातार अपडेट होता रहता है
फीससाधारण कॉपी के लिए फ्री; डिजिटली साइन की गई सर्टिफाइड कॉपी के लिए पेड
लगने वाला समयफ्री कॉपी तुरंत मिलती है; सर्टिफाइड कॉपी वॉलेट पेमेंट के बाद डाउनलोड होती है
ऑनलाइन पोर्टलmpbhulekh.gov.in (फ्री सर्विसेज़ और पेड सर्विसेज़) MP
noteफीस की पुष्टि MP Bhulekh हेल्पडेस्क से करें
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मध्य प्रदेश में भू अभिलेख क्या है?

परिभाषा

भू अभिलेख मध्य प्रदेश लैंड रेवेन्यू कोड के तहत राज्य के राजस्व विभाग द्वारा रखा जाने वाला ऑफिशियल रिकॉर्ड ऑफ़ राइट्स MP है। यह राज्य के हर लैंड पार्सल के लिए मालिकाना हक, क्षेत्रफल, मिट्टी की श्रेणी, टेन्योर और राजस्व दायित्व दर्ज करता है।

पोर्टल पर एक ही रिकॉर्ड के दो वर्शन मिलते हैं। पहला है फ्री साधारण कॉपी। इसे कोई भी निकाल सकता है। न लॉगिन चाहिए, न पेमेंट। इसमें रजिस्टर्ड मालिक कौन है, प्लॉट का क्षेत्रफल, मिट्टी की श्रेणी और मौजूदा फसली वर्ष की एंट्री दिखती है। दूसरा है डिजिटली साइन किया गया लैंड रिकॉर्ड, यानी सर्टिफाइड कॉपी, जिस पर जारी करने वाले अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं। इसकी एक छोटी सी फीस लगती है। यही वह कॉपी है जिसे बैंक, कोर्ट और सब-रजिस्ट्रार मानते हैं। ज़्यादातर खरीदार फ्री कॉपी पर ही रुक जाते हैं और बाद में पछताते हैं।

फ्री वर्शन से आप पांच मिनट में सेलर की जांच कर सकते हैं। सर्टिफाइड वर्शन कोर्ट में आपकी सुरक्षा करता है। जिस खरीदार ने सिर्फ स्क्रीनशॉट सेव किया है, विवाद होने पर उसके पास कोई मान्य सबूत नहीं होगा। कोई भी टोकन देने से पहले सर्टिफाइड कॉपी निकालें, और रजिस्ट्रेशन से ठीक पहले फिर से निकालें। मध्य प्रदेश में यही भू अभिलेख विंडो अधिकार अभिलेख, B1 खतौनी, भू-नक्शा और एन्कम्ब्रेन्स सर्टिफिकेट (EC) तक भी पहुंच देती है। पोर्टल को अपनी प्राइमरी वेरिफिकेशन स्टॉप मानें, फाइनल नहीं।

State-specific note: MP Bhulekh से मिलने वाली फ्री कॉपी सिर्फ रेफरेंस के लिए है। किसी भी कानूनी इस्तेमाल, रजिस्ट्रेशन, बैंक लोन या कोर्ट के मामले के लिए आपको डिजिटली साइन की गई सर्टिफाइड कॉपी ही डाउनलोड करनी होगी। इससे कम कुछ भी नहीं चलेगा।
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मध्य प्रदेश में भू अभिलेख कैसे पाएं: स्टेप-बाय-स्टेप

साधारण कॉपी बिना साइन इन किए पांच मिनट में देखी जा सकती है। सर्टिफाइड कॉपी के लिए रजिस्ट्रेशन, वॉलेट रिचार्ज और एक छोटी सी फीस चाहिए। शुरू करने से पहले ज़िला, तहसील, गांव और खसरा या ULPIN नंबर तैयार रखें।

ऑनलाइन तरीका (सुझाया गया)

1
MP Bhulekh पोर्टल पर जाएं [mpbhulekh
gov.in](http://mpbhulekh.gov.in) खोलें। साधारण कॉपी के लिए [mpbhulekh.gov.in](http://mpbhulekh.gov.in) की फ्री सर्विसेज़ तक स्क्रॉल करें और भू-अभिलेख पर क्लिक करें। इस स्टेज पर लॉगिन की ज़रूरत नहीं है।
अगर मुख्य पोर्टल धीमा चले, तो उसी होमपेज से WebGIS 2.0 लिंक का इस्तेमाल करें।
2
लोकेशन चुनें और सर्च करें ड्रॉपडाउन से ज़िला, तहसील और गांव चुनें
मालिक के नाम, खसरा नंबर, प्लॉट नंबर या ULPIN से सर्च करें। कैप्चा भरें और View Details पर क्लिक करें।
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साधारण कॉपी देखें View Khasra के बगल में आंख वाले आइकन पर क्लिक करें
साधारण भू अभिलेख पूरे प्लॉट डिटेल्स के साथ खुलता है। रेफरेंस के लिए प्रिंट या डाउनलोड करें, लेकिन याद रखें कि यह कानूनी रूप से मान्य नहीं है।
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सर्टिफाइड कॉपी ऑर्डर करें डिजिटली साइन किए गए वर्शन के लिए, पब्लिक यूज़र के तौर पर रजिस्टर करें, लॉगिन करें, SAMPADA वॉलेट रिचार्ज करें, फिर Paid Services में जाकर अधिकार अभिलेख सर्टिफाइड कॉपी के लिए रिक्वेस्ट करें
फीस चुकाएं। PDF पर डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं।
डिजिटली साइन की गई PDF को क्लाउड स्टोरेज में सेव करें। हस्ताक्षर तभी वैलिड रहते हैं जब फाइल में कोई बदलाव न हो।

ऑफलाइन तरीका (सब-रजिस्ट्रार ऑफिस)

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तहसील ऑफिस जाएं गांव को कवर करने वाले तहसील या हल्का पटवारी ऑफिस जाएं
साथ में ID प्रूफ और खसरा नंबर, मालिक का नाम, या गांव का सर्वे रेफरेंस लेकर जाएं।
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लिखित आवेदन दें सर्टिफाइड भू अभिलेख कॉपी के लिए लिखित रिक्वेस्ट सबमिट करें
क्लर्क आवेदन दर्ज करता है और आपको रिक्वेस्ट ID वाली एक्नॉलेजमेंट स्लिप देता है।
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तय फीस चुकाएं ऑफिस काउंटर पर फीस जमा करें
रसीद संभालकर रखें।
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डिजिटली साइन की गई सर्टिफाइड कॉपी लें सर्टिफाइड कॉपी पर जारी करने वाले अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं और यह कोर्ट व सब-रजिस्ट्रार में मान्य होती है
कोई भी एडवांस देने से पहले हर डिटेल को सेलर के पेपर्स से मिलाएं।
MP Bhulekh पोर्टल के होम पेज पर रिक्वेस्ट ID से रिक्वेस्ट का स्टेटस ट्रैक करें।
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मध्य प्रदेश में भू अभिलेख में क्या-क्या होता है?

भू अभिलेख की हर रो में कुछ ऐसा होता है जो खरीदार को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

Field What it means What to check
खसरा नंबरप्लॉट की यूनीक पहचानसेल डीड और भू-नक्शा से मैच होना चाहिए
भूमिस्वामी का नामरजिस्टर्ड ज़मीन मालिकसेलर की ID और मदर डीड से मैच होना चाहिए
लैंड टाइपकृषि, रेजिडेंशियल, सरकारी, या डायवर्टेडबताता है कि कानूनी इस्तेमाल की इजाज़त है या नहीं
क्षेत्रफल (रकबा)हेक्टेयर में प्लॉट का आकारसेल डीड और वास्तविक क्षेत्रफल से मैच होना चाहिए
टेन्योर / श्रेणीलैंड रेवेन्यू कोड के तहत धारक का अधिकारलीज़, ग्रांट या प्रतिबंधित स्टेटस बताता है
ULPIN नंबरDILRMP के तहत 14-अंकों की यूनीक पार्सल IDसर्टिफाइड कॉपी पर मौजूद होनी चाहिए
पटवारी रिमार्क्सम्यूटेशन, विवाद, बकाया पर नोट्सकोई भी पेंडिंग एंट्री रेड फ्लैग है
Good sign: एक साफ भू अभिलेख में एक भूमिस्वामी का नाम, मैचिंग ULPIN, सेल डीड के मुताबिक क्षेत्रफल, कोई पेंडिंग म्यूटेशन न होना, और नए डिजिटल हस्ताक्षर के साथ नवीनतम फसली वर्ष की स्टैंप दिखती है।
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मध्य प्रदेश में भू अभिलेख से जुड़ी आम समस्याएं

भू अभिलेख की हर रो में कुछ ऐसा होता है जो खरीदार को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

मालिक सिर्फ साधारण कॉपी का स्क्रीनशॉट दिखाता है
स्क्रीनशॉट और साधारण कॉपी कानूनी रूप से मान्य नहीं होते। हो सकता है सेलर रिकॉर्ड में हाल के किसी बदलाव को छुपा रहा हो।
Fix: कोई भी टोकन देने से पहले सेलर के सामने खुद एक ताज़ा सर्टिफाइड कॉपी निकालें।
ULPIN गायब है या जनरेशन में दिख रहा है
पुराने या हाल ही में अपडेट हुए पार्सल में अभी तक ULPIN नहीं दिख सकता। ULPIN के बिना आगे की पोर्टल वेरिफिकेशन मुश्किल हो जाती है।
Fix: रजिस्ट्रेशन से पहले पटवारी से ULPIN एंट्री डलवाने की रिक्वेस्ट करें। ज़रूरत पड़े तो इंतज़ार करें।
एक से ज़्यादा भूमिस्वामी नाम दर्ज हैं
भू अभिलेख में संयुक्त मालिक दिखते हैं लेकिन सेलर अकेले मालिक होने का दावा करता है। सह-मालिक ऐसी किसी भी सेल को चुनौती दे सकते हैं जिसमें उन्हें नज़रअंदाज़ किया गया हो।
Fix: हर नामित सह-मालिक से लिखित सहमति लें, या डील से पीछे हट जाएं।
लैंड क्लास सरकारी, वन, या प्रतिबंधित दिखाई गई है
भू अभिलेख के टेन्योर कॉलम में ज़मीन को सरकारी अनुदान, वन, या नॉन-ट्रांसफरेबल दिखाया गया है। ऐसी ज़मीन को निजी तौर पर नहीं बेचा जा सकता।
Fix: डील छोड़ दें। सेलर का कोई भी पेपरवर्क राजस्व वर्गीकरण को पलट नहीं सकता।
रिमार्क्स में पेंडिंग म्यूटेशन दर्ज है
रिमार्क्स कॉलम में म्यूटेशन प्रोसेस में दिखाया गया है। सेलर के पास राजस्व रिकॉर्ड में अभी साफ टाइटल नहीं है।
Fix: म्यूटेशन क्लियर होने तक इंतज़ार करें, फिर कुछ भी साइन करने से पहले एक ताज़ा सर्टिफाइड कॉपी निकालें।
रिकॉर्ड पर पुराना फसली वर्ष दर्ज है
गांव का सालाना अपडेट पेंडिंग होने की वजह से रिकॉर्ड में पुराना फसली वर्ष दिख रहा है।
Fix: मैनुअल अपडेट के लिए पटवारी के पास जाएं और बैकअप के तौर पर नवीनतम डिजिटली साइन की गई कॉपी मांगें।
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मध्य प्रदेश में ज़मीन खरीदारों के लिए भू अभिलेख क्यों ज़रूरी है

यह MP के खरीदारों के लिए उपलब्ध सबसे दमदार प्री-परचेज़ चेक है।

📋
राजस्व रिकॉर्ड में मालिकाना हक की पुष्टि करता है भू अभिलेख कानूनी भूमिस्वामी का नाम बताता है
अगर सेलर का नाम गायब है या अलग है, तो बाकी सारा पेपरवर्क बेमानी है।
कानूनी इस्तेमाल के लिए सर्टिफाइड कॉपी लें फ्री कॉपी सिर्फ ब्राउज़िंग के लिए काम करती है
सेल रजिस्ट्रेशन, कोर्ट के मामलों या बैंक लोन के लिए सिर्फ डिजिटली साइन की गई सर्टिफाइड कॉपी ही काम करती है। इसे छोड़ने पर आपकी फाइल सब-रजिस्ट्रार के यहां रिजेक्ट हो जाएगी।
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होम और फार्म लोन के लिए बैंकों को यह चाहिए MP के हर नेशनलाइज़्ड और प्राइवेट बैंक को लोन मंज़ूर करने से पहले सेल डीड और एन्कम्ब्रेन्स सर्टिफिकेट के साथ सर्टिफाइड भू अभिलेख चाहिए होता है
होम और फार्म लोन के लिए बैंकों को यह चाहिए MP के हर नेशनलाइज़्ड और प्राइवेट बैंक को लोन मंज़ूर करने से पहले सेल डीड और एन्कम्ब्रेन्स सर्टिफिकेट के साथ सर्टिफाइड भू अभिलेख चाहिए होता है
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मध्य प्रदेश-विशेष: ULPIN इंटीग्रेशन MP ने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइज़ेशन प्रोग्राम के तहत ULPIN लागू किया है
वैलिड ULPIN वाला सर्टिफाइड भू अभिलेख आपके प्लॉट को एक स्थायी, ट्रेस करने योग्य डिजिटल पहचान देता है।
Red flag: अगर सेलर सिर्फ प्रिंटआउट दिखाने पर अड़ा रहे, MP Bhulekh पर लाइव सर्टिफाइड कॉपी जनरेट करने से मना करे, या ULPIN देने में टालमटोल करे, तो बातचीत वहीं खत्म कर दें। ईमानदार सेलर पोर्टल चेक का स्वागत करते हैं।
ज़मीन खरीदारों के लिए

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हर लिस्टिंग हमारी प्रारंभिक सत्यापन प्रक्रिया से होकर गुज़रती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मध्य प्रदेश में भू अभिलेख ऑनलाइन कैसे पाएं?
[mpbhulekh.gov.in](http://mpbhulekh.gov.in) पर जाएं, Free Services के तहत भू-अभिलेख पर क्लिक करें, ज़िला, तहसील और गांव चुनें, फिर मालिक के नाम, खसरा, या ULPIN से सर्च करके रिकॉर्ड तुरंत देखें और डाउनलोड करें।
MP Bhulekh से भू अभिलेख सर्टिफाइड कॉपी कैसे डाउनलोड करें?
[mpbhulekh.gov.in](http://mpbhulekh.gov.in) पर पब्लिक यूज़र के तौर पर रजिस्टर करें, लॉगिन करें, अपना वॉलेट रिचार्ज करें, Paid Services में जाएं, और डिजिटली साइन की गई अधिकार अभिलेख कॉपी के लिए रिक्वेस्ट करें। फीस चुकाएं और PDF डाउनलोड करें।
क्या फ्री भू अभिलेख कॉपी कानूनी रूप से मान्य है?
फ्री साधारण कॉपी सिर्फ रेफरेंस के लिए है। बैंक, कोर्ट और सब-रजिस्ट्रार इसे स्वीकार नहीं करते। किसी भी कानूनी इस्तेमाल के लिए आपको पोर्टल से डिजिटली साइन की गई सर्टिफाइड कॉपी ही डाउनलोड करनी होगी।
MP में भू अभिलेख में क्या-क्या होता है?
इसमें मालिक का नाम, खसरा नंबर, ULPIN, प्लॉट का क्षेत्रफल, मिट्टी की श्रेणी, टेन्योर टाइप, मौजूदा फसल, राजस्व बकाया, म्यूटेशन एंट्री, और मौजूदा फसली वर्ष के लिए पटवारी रिमार्क्स होते हैं।
साधारण और सर्टिफाइड कॉपी में क्या फर्क है?
साधारण कॉपी फ्री, तुरंत मिलने वाली और रेफरेंस के लिए होती है। सर्टिफाइड कॉपी पेड होती है, जारी करने वाले अधिकारी द्वारा डिजिटली साइन की जाती है, और यही एकमात्र वर्शन है जो कानूनी, बैंकिंग और रजिस्ट्रेशन के काम के लिए स्वीकार किया जाता है।
MP लैंड रिकॉर्ड्स में ULPIN क्या है?
ULPIN, DILRMP के तहत एक चौदह-अंकों का अल्फान्यूमेरिक यूनीक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर है। यह हर प्लॉट को एक स्थायी डिजिटल पहचान देता है, जिससे आगे की वेरिफिकेशन, म्यूटेशन और इंटर-स्टेट रिकॉर्ड मैचिंग तेज़ होती है और फेक करना मुश्किल हो जाता है।
MP में भू अभिलेख देखने के लिए क्या रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
फ्री साधारण कॉपी के लिए कोई रजिस्ट्रेशन नहीं चाहिए। सर्टिफाइड, डिजिटली साइन की गई कॉपी और दूसरी पेड सर्विसेज़ के लिए आपको पब्लिक यूज़र के तौर पर रजिस्टर करना होगा और वॉलेट रिचार्ज करना होगा।
MP में सर्टिफाइड भू अभिलेख की फीस कितनी है?
सर्टिफाइड डिजिटली साइन की गई कॉपी पर MP Bhulekh के SAMPADA वॉलेट के ज़रिए एक छोटी सी फीस लगती है। सटीक रकम रिकॉर्ड टाइप और कॉपी के साइज़ के हिसाब से बदलती है।

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