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How to Check अरुणाचल प्रदेश में इनर लाइन परमिट के लिए आवेदन कैसे करें — संपूर्ण गाइड in Arunachal Pradesh — Complete Guide 2026

एक दस्तावेज़ आपको चेक गेट से आगे जाने देता है. यही है इनर लाइन परमिट अरुणाचल प्रदेश, जो बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, 1873 के तहत गैर-निवासियों के लिए राज्य द्वारा जारी प्रवेश पास है. यह ज़मीन खरीदने का कोई अधिकार नहीं देता. यह गाइड बताती है कि अरुणाचल प्रदेश में इनर लाइन परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें और यह असल में किन-किन चीज़ों की इजाज़त देता है.

Quick Reference
अन्य नामILP / इनर लाइन पास / eILP
जारीकर्ताअरुणाचल प्रदेश सरकार
वैधताटूरिस्ट परमिट 14 दिनों तक; रेगुलर परमिट एक साल तक
फीसप्रकार और अवधि के अनुसार Rs 100 से Rs 500 तक
लगने वाला समयऑनलाइन अक्सर उसी दिन से 24 घंटे में
ऑनलाइन पोर्टलarunachalilp.com (e-ILP)
noteयह परमिट सिर्फ़ प्रवेश की इजाज़त देता है. बाहरी लोग अब भी यहां बिल्कुल भी ज़मीन नहीं खरीद सकते.
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अरुणाचल प्रदेश में इनर लाइन परमिट क्या है?

परिभाषा

इनर लाइन परमिट एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज़ है जो किसी गैर-निवासी भारतीय नागरिक को अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने देता है. इसका अधिकार बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, 1873 से आता है.

यह व्यवस्था राज्य के आदिवासी समुदायों और संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा के लिए है. हर भारतीय नागरिक जो यहां का निवासी नहीं है, उसे अंदर आने से पहले यह परमिट लेना ज़रूरी है, चाहे वह असम या नागालैंड से सड़क मार्ग से आए या किसी और रास्ते से. ILP का मतलब अरुणाचल प्रदेश में एक ही शब्द में समझा जा सकता है: पहुंच (एक्सेस). आप प्रवेश कर सकते हैं, जिन ज़िलों का नाम आपने बताया है वहां घूम सकते हैं, और तय की गई अवधि तक रुक सकते हैं. इसके दो रूप होते हैं. छोटी यात्राओं के लिए टूरिस्ट परमिट सही रहता है. लंबे समय तक राज्य में काम करने वालों के लिए रेगुलर परमिट ज़्यादा समय तक चलता है. परमिट रखने वाले वयस्क के साथ यात्रा कर रहे 14 साल से कम उम्र के बच्चों को आमतौर पर अलग परमिट की ज़रूरत नहीं होती.

यहीं पर खरीदार धोखा खा जाते हैं. यह परमिट एक दरवाज़ा है, कोई डीड (दस्तावेज़-ए-मिल्कियत) नहीं. प्रवेश परमिट के रूप में ILP ज़मीन का मालिकाना हक कभी नहीं देता और कभी दिया भी नहीं है. अरुणाचल प्रदेश में ज़मीन सामुदायिक रीति-रिवाज़ी कानून के तहत आती है, और बाहरी लोग, परमिट धारकों समेत, इसे बिल्कुल भी नहीं खरीद सकते. तो ILP रखना, चाहे वह एक साल का ही क्यों न हो, यहां ज़मीन पर आपके मालिकाना अधिकार को लेकर कुछ नहीं बदलता. इसे वैसे ही लें जैसा यह है: घूमने की इजाज़त, जो इस बात से तय होती है कि आपने कहां और कितने दिन रुकने की बात कही है. अपने परमिट में दिए गए ज़िलों की सूची ध्यान से पढ़ें, क्योंकि यह सिर्फ़ नामित जगहों के लिए ही मान्य है.

State-specific note: इनर लाइन परमिट सिर्फ़ प्रवेश की इजाज़त देता है. इसका कोई भी रूप, चाहे टूरिस्ट हो या रेगुलर, किसी बाहरी व्यक्ति को अरुणाचल प्रदेश में ज़मीन खरीदने का कोई अधिकार नहीं देता.
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अरुणाचल प्रदेश में इनर लाइन परमिट के लिए आवेदन कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप

दो रास्ते हैं: आधिकारिक e-ILP पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन, या ज़िला ऑफिस में जाकर ऑफलाइन. अपना फोटो ID, पासपोर्ट साइज़ फोटो, और यात्रा की तारीखें तैयार रखें.

ऑनलाइन तरीका (सुझाया गया)

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e-ILP पोर्टल पर रजिस्टर करें — arunachalilp खोलें
com पर जाएं और अपने नाम, मोबाइल नंबर, और ईमेल से अकाउंट बनाएं. फॉर्म दिखने से पहले पहली बार आने वाले यूज़र्स को रजिस्टर करना होता है.
यात्रा से तीन से पांच दिन पहले आवेदन करें. मंज़ूरी आमतौर पर जल्दी मिल जाती है, लेकिन थोड़ा समय पहले रखने से टेंशन नहीं होती.
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आवेदन फॉर्म भरें
परमिट का प्रकार चुनें, टूरिस्ट या रेगुलर, और अपनी यात्रा की तारीखें व हर वह ज़िला दर्ज करें जहां आप जाने की योजना बना रहे हैं. परमिट सिर्फ़ आपके बताए गए जगहों को ही कवर करता है.
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दस्तावेज़ अपलोड करें
आधार, वोटर ID, या पासपोर्ट जैसा वैध फोटो ID, साथ ही एक हाल की फोटो अपलोड करें. मंज़ूरी से पहले इन ज़रूरी इनर लाइन परमिट दस्तावेज़ों की जांच होती है.
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भुगतान करें और डाउनलोड करें
UPI, कार्ड, या नेट बैंकिंग से ऑनलाइन फीस भरें. मंज़ूरी मिलने पर, परमिट डाउनलोड कर प्रिंट कर लें.
आपके फोन में डिजिटल कॉपी आमतौर पर चेक गेट पर स्वीकार होती है, लेकिन प्रिंटआउट भी साथ रखें.

ऑफलाइन तरीका (सब-रजिस्ट्रार ऑफिस)

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अधिकृत ऑफिस जाएं
डिप्टी कमिश्नर ऑफिस, जन सुविधा केंद्र, या गुवाहाटी, कोलकाता, या दिल्ली जैसे शहरों में अरुणाचल भवन में आवेदन करें
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सही फॉर्म भरें
अपने ठहराव के हिसाब से अस्थायी या स्थायी इनर लाइन पास फॉर्म मांगें.
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दस्तावेज़ और फीस जमा करें
वही ID और फोटो साथ लगाएं, फिर काउंटर पर लागू फीस भरें.
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परमिट लें
एक ही शहर में किए गए आवेदन अक्सर एक से दो दिन में प्रोसेस हो जाते हैं.
ऑफलाइन तभी चुनें जब आप ऑनलाइन करने में सहज न हों. e-ILP पोर्टल ज़्यादा तेज़ है.
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मेटा विवरण: इनर लाइन परमिट अरुणाचल प्रदेश आपको राज्य में सिर्फ़ प्रवेश करने देता है, इससे ज़्यादा कुछ नहीं. यह ज़मीन खरीदने का बिल्कुल भी अधिकार नहीं देता. यहां बताया गया है कि ऑनलाइन आवेदन कैसे करें और यह परमिट असल में क्या-क्या कवर करता है.

एक परमिट में कुछ तय जानकारी होती है, और किसी भी यात्री या खरीदार को इस पर भरोसा करने से पहले हर एक को पढ़ लेना चाहिए.

Field name What it means What to check
परमिट धारक का नामप्रवेश की मंज़ूरी पाने वाला व्यक्तिआपके फोटो ID से बिल्कुल मेल खाता है
परमिट का प्रकारटूरिस्ट या रेगुलरआपके मकसद और ठहराव के लिए सही प्रकार
वैधता अवधिपरमिट सक्रिय रहने की तारीखेंआपकी पूरी यात्रा अवधि को कवर करती है
कवर किए गए ज़िलेजिन जगहों पर आप जा सकते हैंआपके रूट की हर जगह सूचीबद्ध है
जारीकर्ता प्राधिकरणअरुणाचल प्रदेश सरकारआधिकारिक मुहर या डिजिटल हस्ताक्षर मौजूद
परमिट संदर्भ संख्यायूनीक ट्रैकिंग कोडचेक गेट पर वेरिफिकेशन के लिए मौजूद
Good sign: एक सही परमिट में आपका नाम आपके ID से मेल खाता है, सही प्रकार दर्ज होता है, वैध तारीखें होती हैं, आपके जाने वाले हर ज़िले का नाम होता है, और वेरिफिकेशन के लिए एक स्पष्ट संदर्भ संख्या होती है.
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अरुणाचल प्रदेश में इनर लाइन परमिट से जुड़ी आम समस्याएं

ज़्यादातर परमिट संबंधी परेशानी यात्रा से पहले की एक गलत धारणा से शुरू होती है.

गलत ज़िले दर्ज करना
परमिट सिर्फ़ आपके बताए गए जगहों को कवर करता है. जिस ज़िले का नाम आपने फॉर्म में नहीं लिखा वहां पहुंचने पर चेक गेट आपको वापस भेज सकता है. इस गलती में पूरा एक दिन बर्बाद हो जाता है.
Fix: सबमिट करने से पहले अपने रूट का हर ज़िला और सर्किट सूचीबद्ध कर लें.
वैधता से ज़्यादा रुकना
परमिट की समय-सीमा के बाद रुकना इसकी शर्तों का उल्लंघन है. चेक गेट प्रवेश और निकास दोनों दर्ज करते हैं, और ज़्यादा रुकने पर जुर्माना या बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है.
Fix: अपनी समाप्ति तारीख नोट करें और खत्म होने से पहले नवीनीकरण या विस्तार करा लें.
परमिट को ज़मीन का अधिकार समझना
सबसे बड़ी गलती: यह मान लेना कि ILP आपको ज़मीन खरीदने देता है. यह ऐसा कभी नहीं करता. किसी भी तरह के परमिट के तहत बाहरी लोग अरुणाचल प्रदेश में ज़मीन के मालिक नहीं बन सकते.
Fix: ज़मीन के लिए, पात्रता की पुष्टि ज़िला राजस्व प्राधिकरण से करें, ILP से कभी नहीं.
"परमिट धारक" वाले ऑफर पर ज़मीन खरीदना
कोई विक्रेता दावा कर सकता है कि लंबी अवधि का ILP धारक ज़मीन खरीद सकता है. यह गलत है और यह सौदा राज्य के रीति-रिवाज़ी भूमि कानून के तहत अमान्य होगा.
Fix: ऐसे किसी भी ज़मीन ऑफर से दूर रहें जो आपके परमिट को अधिकार का सबूत बताए.
ID में गड़बड़ी
आपके ID और आवेदन में अलग नाम होने से मंज़ूरी अटक जाती है या गेट पर फेल हो जाती है.
Fix: जो ID आप साथ रखेंगे, उसी से अपना नाम और जानकारी बिल्कुल वैसे ही कॉपी करें.
बहुत देर से आवेदन करना
आवेदन को आखिरी दिन तक टालने से बिना मंज़ूर परमिट के चेक गेट पर पहुंचने का खतरा रहता है.
Fix: कई दिन पहले आवेदन करें और डिजिटल व प्रिंटेड दोनों कॉपी साथ रखें. ##
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अरुणाचल प्रदेश में ज़मीन खरीदारों के लिए इनर लाइन परमिट क्यों ज़रूरी है

यहां ज़मीन देखने वालों के लिए, यह परमिट ज़्यादातर इस बात के लिए मायने रखता है कि यह क्या नहीं करता.

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यह सिर्फ़ प्रवेश पास करता है, मालिकाना हक नहीं
ILP आपको किसी जगह पर शारीरिक रूप से पहुंचने और उसे देखने देता है. बस यहीं तक इसकी सीमा है. ज़मीन किसके पास हो सकती है, इस सवाल में इसका कोई महत्व नहीं है.
यह ज़मीन पर लगी रोक को खत्म नहीं कर सकता — यही मुख्य चेतावनी है: बाहरी लोग अरुणाचल प्रदेश में ज़मीन नहीं खरीद सकते, परमिट हो या न हो
राज्य की आदिवासी सुरक्षा आपके पास मौजूद किसी भी प्रवेश दस्तावेज़ से ऊपर है.
🏦
यह लोन या टाइटल में मदद नहीं करता
क्योंकि यह परमिट कोई मालिकाना हक नहीं देता, कोई बैंक इसे सिक्योरिटी के रूप में नहीं मानता और कोई रजिस्ट्री इसे टाइटल के रूप में नहीं मानती. प्रॉपर्टी के लेन-देन में इसकी कोई भूमिका नहीं है.
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अरुणाचल-विशेष: प्रवेश और मालिकाना हक अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं — यह परमिट एक औपनिवेशिक-युग के नियम के तहत आवाजाही को नियंत्रित करता है
ज़मीन का मालिकाना हक सामुदायिक रीति-रिवाज़ी कानून पर चलता है. एक को पार करने से दूसरे के बारे में कुछ तय नहीं होता.
Red flag: अगर कोई विक्रेता आपके इनर लाइन परमिट की तरफ इशारा करे या लंबी अवधि का परमिट दिलाने की पेशकश करे और इसे ज़मीन खरीदने का सबूत बताए, तो वह आपको गुमराह कर रहा है. रुकें और मालिकाना हक के नियमों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इनर लाइन परमिट अरुणाचल प्रदेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
arunachalilp.com पर रजिस्टर करें, अपनी यात्रा की तारीखों और ज़िलों के साथ फॉर्म भरें, फोटो ID और फोटो अपलोड करें, फिर ऑनलाइन फीस भरें. मंज़ूरी आमतौर पर उसी दिन मिल जाती है.
अरुणाचल प्रदेश के लिए इनर लाइन परमिट किसे चाहिए?
हर भारतीय नागरिक जो राज्य का निवासी नहीं है, चाहे वह किसी भी रास्ते से प्रवेश करे. परमिट रखने वाले वयस्क के साथ यात्रा कर रहे 14 साल से कम उम्र के बच्चों को आमतौर पर अलग परमिट की ज़रूरत नहीं होती.
इनर लाइन परमिट की फीस कितनी है?
यह परमिट के प्रकार और अवधि के आधार पर लगभग Rs 100 से Rs 500 तक होती है. तीन दिन तक का टूरिस्ट परमिट चौदह दिन वाले परमिट से सस्ता होता है.
इनर लाइन परमिट कितने समय तक वैध रहता है?
एक टूरिस्ट परमिट आमतौर पर 14 दिनों तक कवर करता है. राज्य में लंबे समय तक काम या ज़िम्मेदारी रखने वालों के लिए रेगुलर परमिट एक साल तक चल सकता है.
क्या इनर लाइन परमिट धारक अरुणाचल प्रदेश में ज़मीन खरीद सकता है?
नहीं. यह परमिट सिर्फ़ प्रवेश देता है और कोई खरीद अधिकार नहीं देता. किसी भी तरह के परमिट के तहत, टूरिस्ट हो या रेगुलर, बाहरी लोग अरुणाचल प्रदेश में ज़मीन नहीं खरीद सकते.
क्या बच्चों को इनर लाइन परमिट की ज़रूरत है?
वैध परमिट रखने वाले वयस्क के साथ यात्रा कर रहे 14 साल से कम उम्र के बच्चों को आमतौर पर अलग परमिट की ज़रूरत नहीं होती. सुरक्षित रहने के लिए यात्रा से पहले मौजूदा नियम की पुष्टि कर लें.
ILP के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ ज़रूरी हैं?
आधार, वोटर ID, पासपोर्ट, या ड्राइविंग लाइसेंस जैसा वैध फोटो ID, साथ ही एक हाल की पासपोर्ट साइज़ फोटो. ऑनलाइन आवेदन के दौरान स्कैन की गई कॉपी अपलोड करें.
इनर लाइन परमिट कहां दिखाना होता है?
अंतरराज्यीय सीमा के चेक गेट पर, जैसे असम या नागालैंड से आने वाले क्रॉसिंग पॉइंट पर. प्रिंटआउट और फोन में डिजिटल कॉपी, दोनों साथ रखें.

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